यह सपना उनसे भी उतना ही सुना जाता है जो गर्भवती हो ही नहीं सकते, और इसे पल रही ऐसी चीज़ माना जाता है जो अभी दिखी नहीं।
यह सपना वे लोग भी बताते हैं जो गर्भवती हैं, वे भी जो हो ही नहीं सकते, और वे भी जिनकी कोई इच्छा नहीं, और यही पहला इशारा है कि तस्वीर शायद ही कभी शाब्दिक होती है। परंपरा इसे ऐसी चीज़ मानती है जो दिखने लायक़ होने से पहले पल रही है: कोई काम अपने शुरुआती दिनों में, कोई योजना जो नज़र से दूर शक्ल ले रही है, कोई बदलाव जो बिना ऐलान के शुरू हो चुका। असली पर अब तक अनदेखी बढ़त, यह धागा इस पाठ के लगभग हर रूप में चलता है।
पढ़ने वाले पूछते हैं कि कितना वक़्त बीत चुका था और किसी को पता था या नहीं। शुरुआती और छिपा हुआ गर्भ परंपरा में उस चीज़ से जुड़ा है जो तुमने अब तक किसी को नहीं बताई, और कभी-कभी उस चीज़ से भी जिसे तुमने पूरी तरह ख़ुद के सामने भी नहीं माना। दिखने लगा गर्भ ऐसे मोड़ की तरफ़ इशारा करता है जहाँ दूसरों की नज़र पड़नी शुरू हो गई। गर्भवती और शांत होना, और गर्भवती और घबराया हुआ होना, दोनों अलग पढ़े जाते हैं और दोनों बेहद आम हैं। घबराहट वाले रूप को आमतौर पर ज़िम्मेदारी का उससे तेज़ आ जाना माना जाता है जितनी तैयारी महसूस होती है, और यह एक एहसास का बयान है, किसी के हालात पर टिप्पणी नहीं।
जिन सपनों में गर्भ के साथ कुछ बिगड़ता है वे तकलीफ़देह भी हैं और बहुत आम भी। पढ़ने वाले इन्हें इस डर की तरह लेते हैं कि जो चीज़ तुम्हारे हाथों खड़ी हो रही है वह टिकेगी या नहीं, और वे इस तस्वीर को किसी के शरीर पर कोई बयान नहीं मानते। सीधी बात कहना ठीक रहेगा: कोई सपना किसी गर्भ की जाँच नहीं करता, उसकी पुष्टि नहीं करता, उसकी भविष्यवाणी नहीं करता, और यह भी नहीं बताता कि वह कैसा बीतेगा। इस बारे में असली सवाल हो तो उसके लिए डॉक्टर या दाई है।
जो बच्चा चाह रहे हैं, जिनका गर्भ ठहरकर ख़त्म हो गया, या जो इसी दौर के बीच में हैं, उनके लिए यह तस्वीर प्रतीक रह ही नहीं जाती। ऐसे सपने लगभग हमेशा उसी असली बात के होते हैं, वे किसी मन पर छाए मामले का आम हिस्सा हैं, और ऊपर लिखा पाठ उनमें बहुत कम जोड़ता है। यहाँ तुम्हारे अपने हालात अर्थ को इतना तय करते हैं जितना इस कोश के शायद ही किसी और पन्ने पर करते हों।


