सपने में चिट्ठी देखना

हाथ में लिफ़ाफ़ा, आधी पहचानी हुई लिखावट, और खोलने से पहले का पल। पुराने पाठ की दिलचस्पी संदेश में कम और इंतज़ार में ज़्यादा रही है।

चिट्ठी सपने में बंद हालत में पहुँचती है। ज़्यादातर लोगों के लिए इतना ही दृश्य है: हाथ में लिफ़ाफ़ा, आधी पहचानी हुई लिखावट, और खोलने से ठीक पहले का पल। परंपरा चिट्ठी को उस ख़बर की तरह पढ़ती है जिसका किसी को इंतज़ार है, और उसकी दिलचस्पी हमेशा भीतर लिखी बात से कहीं ज़्यादा इंतज़ार में रही है, क्योंकि लिखी बात तो गिने-चुने लोग ही याद रख पाते हैं।

बंद, खुला, बिना पढ़ा

  • लिफ़ाफ़ा जो तुमने खोला ही नहीं। इसे किसी ख़ास संदेश से नहीं, टाली जा रही किसी बात से जोड़ा जाता है।
  • अक्षर जो टिकते ही नहीं। बहुत बार बताया जाने वाला ब्योरा, जिसे निशानी नहीं बल्कि नींद में लिखे शब्दों का सामान्य बर्ताव माना जाता है।
  • बरसों से बिछड़े किसी की चिट्ठी। इसे संपर्क की नहीं, अधूरी रह गई बातचीत की तरह लिया जाता है।
  • चिट्ठी लिखकर भेजी नहीं। यह उस बात के पास बैठती है जिसे न कहने का फ़ैसला हो चुका है।

डाक अब भी रात में क्यों आती है

चिट्ठियाँ अब मुश्किल से कोई लिखता है, और यह तस्वीर के बचे रहने की एक वजह भी है। सपने आज की आदतों जितना ही पुराने चित्रों से भी काम लेते हैं, और बंद लिफ़ाफ़ा नींद के पास वह सबसे साफ़ तरीक़ा है जिससे ऐसा संदेश दिखाया जा सके जो मौजूद तो है पर पढ़ा नहीं गया। फ़ोन पर टपकी सूचना वैसा असर नहीं करती, क्योंकि वह खुली हुई ही आती है। लिफ़ाफ़ा ठीक इसलिए ताक़तवर है कि वह पूरा दिन मेज़ पर बिना खुले पड़ा रह सकता है, और आने और जान लेने के बीच की यही दूरी है जिसकी तरफ़ यह परंपरा शुरू से इशारा करती आई है।

अपनी चिट्ठी पढ़ना

सीधी वजहें पहले अपनी जगह पा लें। जिसे नतीजे का, किसी फ़ैसले का या किसी दफ़्तर से जवाब का इंतज़ार है, उसके पास इस सपने की साफ़ वजह मौजूद है, और असली लिफ़ाफ़ा आते ही यह आमतौर पर हट जाता है। निशानी वाला पाठ भी निजी यादों की तरफ़ भारी झुकता है। जिसने अपनी दादी की भेजी हर चिट्ठी सँभालकर रखी हो, उसके लिए लिफ़ाफ़ा एक चीज़ है, और जिसके घर सबसे बुरी ख़बर एक सरकारी लिफ़ाफ़े में आई हो, उसके लिए दूसरी। यहाँ किसी संदेश की या उसके भीतर की बात की भविष्यवाणी नहीं है। यह बस इंतज़ार की हालत का बयान है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सपने में चिट्ठी पढ़ी क्यों नहीं जा रही थी?
सपनों में लिखा हुआ बेहद अस्थिर रहता है, और अक्षरों का हिलना, धुँधलाना या जगह बदल लेना सबसे ज़्यादा बताए जाने वाले अनुभवों में है। इसे नींद में देखने के सामान्य ढंग की तरह लिया जाता है, इस तरह नहीं कि कोई अर्थ तुमसे छिपाया जा रहा हो।
क्या चिट्ठी का सपना किसी ख़बर के आने का संकेत है?
नहीं, और दोनों को जोड़ते हुए भी परंपरा कोई भविष्यवाणी नहीं कर रही होती। यह तस्वीर इंतज़ार की अपनी हालत बताती है, इसीलिए यह तब आती है जब कोई मामला सचमुच अटका हो और मामला तय होते ही यह ख़ुद ही कम पड़ जाती है।

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