यह सपना सुनाना लगभग किसी को अच्छा नहीं लगता और आया लगभग सबको है, और पुराना पाठ उँगली सामने आए इंसान की नहीं, देखने वाले की तरफ़ उठाता है।
यह सपना सुनाना लगभग किसी को अच्छा नहीं लगता, और आया लगभग सबको है। पुराने साथी का सपना बेहद आम है, और जो पाठ सबसे ज़्यादा टिकता है वह इसे उस इंसान के बारे में संदेश नहीं, ख़ुद अपने एक पुराने रूप का सपना मानता है। रिश्ते ने किरदार दिए, विषय आमतौर पर आज के क़रीब की कोई चीज़ होती है।
यह लोक धारणा बहुत फैली हुई है कि किसी का सपना आने का मतलब वह इंसान तुम्हें याद कर रहा है। बात याद रह जाने वाली है, हालात के हिसाब से दिल को तसल्ली भी देती है और बेचैन भी करती है, पर इसके पीछे कुछ नहीं। सपने याद से बनते हैं, और जिसके साथ बरसों बीते हों वह याद का बहुत बड़ा हिस्सा होता है, इतना ही उसके बार-बार आने के लिए काफ़ी है। लोग ऐसे पुराने साथियों के सपने भी बताते हैं जिनसे वे दोबारा मिलना तक नहीं चाहते, और यह बात लोक धारणा कभी ठीक से समझा नहीं पाई।
वज़न उन्हीं ब्योरों में होता है जिन्हें हम सुनाते हुए छोड़ देते हैं। वह इंसान आज जैसा है वैसा था, या किसी ख़ास उम्र वाला? और तुम्हारी अपनी उम्र क्या थी? पुराने पाठ इस पर बहुत ध्यान देते हैं, क्योंकि किसी पुराने कमरे में अपने छोटे रूप के साथ बना सपना आमतौर पर उस रिश्ते का नहीं, ज़िंदगी के उस दौर का माना जाता है। सुलह के दृश्य, वे झगड़े जो कभी हुए ही नहीं, और बिना बोले एक-दूसरे के पास से निकल जाना, तीनों के अपने अलग छोटे पाठ हैं, और आख़िरी वाला अक्सर सबसे ज़्यादा बताता है।
वक़्त की अक्सर सादा वजहें होती हैं: कोई तारीख़, कोई गाना, अचानक आया कोई संदेश, किसी साझा दोस्त का ज़िक्र, या नया रिश्ता ठीक उसी मोड़ पर पहुँच जाना जहाँ पुराना पहुँचा था। ज़िंदगी में कोई चीज़ एक जानी-पहचानी शक्ल पहचान लेती है और उस शक्ल के पहले संस्करण वाला इंसान किरदार में उतार दिया जाता है। सबसे ज़्यादा मायने यह रखता है कि वह रिश्ता ख़ास तौर पर तुम्हारे लिए क्या था, और यही वह जानकारी है जो किसी कोश के पास हो ही नहीं सकती।


