खरगोश का वर्ष

खरगोश अपनी बात ऊँची आवाज़ से नहीं, नरम शब्द से मनवाता है: दयालु, समझदार और उस शांत घर में सबसे ख़ुश जहाँ कोई चिल्लाता न हो।

इस पशु के वर्ष

1903 29 जनवरी 1903 - 15 फरवरी 1904 जल 1915 14 फरवरी 1915 - 3 फरवरी 1916 लकड़ी 1927 2 फरवरी 1927 - 22 जनवरी 1928 अग्नि 1939 19 फरवरी 1939 - 7 फरवरी 1940 पृथ्वी 1951 6 फरवरी 1951 - 26 जनवरी 1952 धातु 1963 25 जनवरी 1963 - 12 फरवरी 1964 जल 1975 11 फरवरी 1975 - 30 जनवरी 1976 लकड़ी 1987 29 जनवरी 1987 - 16 फरवरी 1988 अग्नि 1999 16 फरवरी 1999 - 4 फरवरी 2000 पृथ्वी 2011 3 फरवरी 2011 - 22 जनवरी 2012 धातु 2023 22 जनवरी 2023 - 9 फरवरी 2024 जल 2035 8 फरवरी 2035 - 27 जनवरी 2036 लकड़ी 2047 26 जनवरी 2047 - 13 फरवरी 2048 अग्नि

वसंत का बीच वाला हिस्सा लो, जब मौसम की तल्ख़ी उतर चुकी होती है और चीज़ें बिना हो-हल्ले के बढ़ती हैं, और तुम्हारे सामने खरगोश आ जाता है: बारह में चौथा, लकड़ी तत्व का पशु, नरम, गौर से देखने वाला और लोगों को संभालने में माहिर। किसी मुश्किल को कड़े शब्द से नहीं, नरम शब्द से सुलझाना तुम्हें कहीं ज़्यादा भाता है। पशु तय करने से पहले, अगर तुम्हारा जन्मदिन जनवरी के अंतिम दिनों या फ़रवरी में आता है तो उसे चंद्र नववर्ष से मिला लो, क्योंकि चीनी बरस पहली जनवरी को नहीं बदलता।

खरगोश को अक्सर भाग्यशाली कहा जाता है, पर असल में वह भाग्य नहीं, अच्छी परख है। माहौल को भाँपने में तुम्हें देर नहीं लगती, जिस झगड़े का कोई मोल नहीं था उससे बच निकलना तुम्हें आता है, और बात बिगड़ने से पहले वहाँ से हट जाना भी। आराम की परवाह तुम्हारे यहाँ व्यावहारिक ढंग की होती है: ढंग का खाना, सलीक़े का घर, भले लोग। भावनाएँ गहरी हैं पर उनमें से चुनिंदा ही चेहरे तक आती हैं, और बहुत कुछ अनकहा रह जाता है।

खूबियाँ: लोग अपने मन की बात तुमसे कहते हैं। तुम्हारा सुनना सचमुच का सुनना है, ज़रूरी बात तुम्हें याद रहती है और तुम्हारी ज़ुबान से कहीं दोहराई नहीं जाती। तुम्हारी नरमी वहाँ काम कर जाती है जहाँ ऊँची आवाज़ वाले नाकाम रहते हैं, क्योंकि बुरी ख़बर भी तुमसे बिना घाव दिए दी जा सकती है। जिस जगह तुम एक घंटा बिता लो, वह जगह अपने आप शांत लगने लगती है।

चुनौतियाँ: टकराव से बचने की क़ीमत भी है। उस वक़्त तुम्हारी हाँ निकल जाती है और बाद में क़दम पीछे हट जाते हैं, जिससे सामने वाला उलझ जाता है, जो समझ चुका था कि बात तय हो गई। छोटी-छोटी चुभनें महीनों तुममें अटकी रहती हैं जबकि दूसरा पक्ष उन्हें दोपहर तक भुला चुका होता है। और ऐसे सुरक्षित विकल्प की राह देखते-देखते वक़्त निकल जाता है जो कभी आता ही नहीं।

काम और पैसा: मोल-भाव, पढ़ाना, डिज़ाइन, स्वास्थ्य सेवा, कानून, आतिथ्य और प्रकाशन, यानी जहाँ सधी हुई नज़र और ठंडा मिज़ाज काम आता है, वहाँ तुम्हारी बात बनती है। पैसे को चलाने का तुम्हारा ढंग समझदार है और ख़र्च गिनती से ज़्यादा गुणवत्ता पर होता है। फंदा यह है कि अपने काम के दाम तुम्हारे मुँह से कम निकलते हैं, क्योंकि माँगना तुम्हें बदतमीज़ी जैसा लगता है।

प्यार और तालमेल: तुम स्नेही हो और तुम्हारा स्वभाव ध्यान रखने वाला है, और जिस घर में तुम हो वहाँ रहना सुकून भरा लगता है, क्योंकि रुतबे या रोमांच से ज़्यादा तुम्हें घर अज़ीज़ है। जो पहले भला बोल गया उसकी तरफ़ बहते चले जाने के बजाय सोचकर चुनो: तुम्हें ऐसा साथी चाहिए जो बहस में भी नरम बना रहे, क्योंकि ऊँची आवाज़ तुम्हें कई दिन के लिए बंद कर देती है। जो पूछता है कि तुम्हारे मन में क्या है और जवाब का इंतज़ार भी करता है, उसे तुम्हारा कहीं बड़ा हिस्सा मिलता है।

सबसे अच्छी जोड़ियाँ: बकरी या सूअर के साथ तुम्हारी ज़िंदगी सबसे कम मेहनत माँगती है। बकरी को वही चाहिए जो तुम्हें चाहिए: नरम, सलीक़े से बनी ज़िंदगी जिसमें कोई चिल्लाता न हो; और सूअर बिना माँग रखे गर्मजोशी तथा खुला दिल लाता है। तुम्हारा छिपा हुआ साथी कुत्ता है, जो इस तरह पहरा देता है कि तुम दरवाज़े की तरफ़ देखना छोड़ सको। चक्र के दूसरे सिरे पर मुर्गा खड़ा है, जो ऊँची आवाज़ में और बार-बार सुधारता है, और हर सुधार तुम्हें चोट की तरह लगता है।

सलाह: छोटी सी गुज़ारिश को जिस दिन रखा जाए उसी दिन मना करो, तीन हफ़्ते बाद नहीं। अपनी क़ीमत एक बार, बिना माफ़ी माँगे, कह दो। शांत ज़िंदगी बचाने लायक़ है, पर इतनी क़ीमत पर नहीं कि तुम किसी को कभी बता ही न पाओ कि तुम्हें चाहिए क्या।